जानें टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में सब कुछ

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जानें टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में सब कुछ

टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा एक ऐसी योजना है, जो आपके सामान्य स्वास्थ्य बीमा कवर को बढ़ाने का काम करती है, अर्थात इसके माध्यम से आपको अपने सामान्य कवर के अतिरिक्त भी कवर प्रादान किया जाता है। टॉप-अप स्वास्थ्य योजना पॉलिसीधारकों को अपनी मौजूदा योजना की सीमा बढ़ाने की सुविधा देती है। टॉप-अप योजना उन लोगों के लिए एक वरदान साबित हुई है, जिन्हें नियमित उपचार की आवश्यकता होती है। सरल शब्दों में कहा जाये, तो एक टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना सामान्य योजना की मूल सीमा के बाद अतिरिक्त बीमा कवरेज प्रदान करती है। यह उन लोगों के लिए भी बहुत आवश्य है, जिनका स्वास्थ्य बीमा कवरेज उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए इस लेख के माध्यम से टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा से संबंधित जानकारी दी जा रही है।

आपको टॉप-अप योजना की आवश्यकता क्यों है?

आपको निम्न परिदृश्यों के कारण टॉप-अप योजना की आवश्यकता पड़ सकती है –

  • जब आपकी सामान्य स्वास्थ्य बीमा योजना आपको पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं कर रही हो, तो ऐसी परिस्थिति में एक टॉप-अप योजना बीमा कवर को बढ़ाती है और बीमाकर्ताओं को अच्छा कवरेज प्राप्त करने में मदद करती है।
  • जब आप अपने पॉलिसी कवर को न्यूनतम मूल्य अदा कर बढ़ाना चाहते हों। टॉप-अप योजनाओं के प्रीमियम का शुल्क पारंपरिक स्वास्थ्य बीमा योजना से सस्ता है। यह अतिरिक्त पैसों को बचाने के साथ-साथ कवरेज को बढ़ाने की सुविधा प्रदान करती है।

टॉप-अप योजनाओं के प्रकार

टॉप-अप योजनाएं दो श्रेणियों में उपलब्ध हैं, जो हैं –

नियमित टॉप-अप योजना

टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना को एक ऐसी योजना के रूप में संदर्भित किया जाता है, जो आपको अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना पर अतिरिक्त कवर प्राप्त करने के लिए सुविधा देती है। टॉप-अप योजनाओं की प्रीमियम राशि कम होती है। यह उस स्थिति में आपको सुरक्षा कवच प्रदान करती है, जब आप अपनी बीमा योजना की सीमा को पार कर लेते हैं। जब आपको कोई बड़ी बीमारी हो जाती है, तो आपको इसकी जांच और उपचार के लिए कई अस्पतालों में जाना होता है या जब आपको कोई पहले से मौजूद बीमारी होती है, तो इसके लिए नियमित उपचार की आवश्यकता होती है, तो ऐसी स्थिति में आप अपने मौजूदा बीमा कवरेज को बढ़ाने के लिए टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना का विकल्प चुन सकते हैं।

सुपर टॉप-अप योजना

टॉप-अप योजना में कुछ कमियां होती हैं, जिन्हें सुपर टॉप-अप योजना खरीदकर दूर किया जा सकता है। जब आपकी नियमित स्वास्थ्य बीमा योजना की कवरेज सीमा पार हो जाती है, तो एक टॉप-अप योजना केवल अस्पताल के बिलों का भुगतान करती है, जबकि सुपर टॉप-अप योजना अधिकतम कवरेज सीमा से अधिक कवरेज प्रदान करती है। सरल शब्दों में कहा जाये, तो आप टॉप-अप योजना की तुलना में सुपर टॉप-अप योजना में आप कई दावे कर सकते हैं, जबकि टॉप-अप योजना में इस तरह के लाभ नहीं दिये जाते हैं।

टॉप-अप योजना के प्रमुख तथ्य

नीचे टॉप-अप योजना के बारे में कुछ तथ्य दिए गए हैं, जिनके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए –

टॉप-अप योजना को खरीदना – विभिन्न बीमा कंपनियों द्वारा टॉप-अप योजनाओं की पेशकश की जा रही है। आप इसे अपने वर्तमान बीमाकर्ता या अन्य किसी बीमा प्रदाता से खरीद सकते हैं। आप ऑफ़लाइन के साथ-साथ टॉप-अप योजना ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

पात्रता – आपको टॉप-अप योजना को खरीदते समय न्यूनतम और अधिकतम आयु के मानदंड का पालन करना होगा। आप 18 से 80 साल के बीच टॉप-अप योजना खरीद सकते हैं।

कटौती योग्य राशि – टॉप-अप योजना खरीदते समय आपको कटौती योग्य राशि का चयन करना होगा। यह राशि आपको किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय आपनी जेब से भुगतान करनी होगी। बाकी का भुगतान आपके बीमाकर्ता द्वारा पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अनुसार किया जाएगा।

प्रीमियम और बीमा राशि – प्रीमियम राशि का मूल्यांकन बीमा राशि, ग्राहक की आयु और कटौती योग्य राशि के आधार पर किया जाता है। जब प्रीमियम राशि अधिक होती है, तो कटौती योग्य राशि कम होती है।

प्री-पॉलिसी मेडिकल टेस्ट – इन योजनाओं के ग्राहकों को 45 साल की उम्र तक प्री-पॉलिसी मेडिकल टेस्ट नहीं कराना होता है। इस उम्र से ऊपर के सभी ग्राहकों को प्री-पॉलिसी मेडिकल टेस्ट कराना अनिवार्य है। यह आयु मानदंड अलग-अलग बीमा कंपनियों में भिन्न हो सकता है।

सही योजना का चयन करने के लिए सुझाव

  • जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है कि कटौती योग्य राशि (आपके द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि) पॉलिसी के लिए आपके द्वारा भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम को निर्धारित करती है। इसलिए आपको कटौती के रूप में किसी भी यादृच्छिक राशि का चयन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह वह राशि होती है, जिसे आपको चिकित्सा आपात स्थितियों के समय में स्वयं वहन करना होता है।
  • टॉप-अप योजनाओं की कुछ कमियां हैं। एक वर्ष में कई अस्पतालों में इलाज कराने के मामले में टॉप-अप योजना में केवल कटौती योग्य राशि से अधिक राशि का भुगतान किया जाता है। इसलिए यदि सीमा समाप्त हो जाती है, तो आपको बिना किसी कवर के रहना होगा।
  • आपको डे-केयर कवरेज, पहले से मौजूदा बीमारी के लिए कवर और प्री एवं पोस्ट हॉस्पिटलाइज़ेशन कवरेज जैसे कारकों का मूल्यांकन करने के बाद ही टॉप-अप योजना चुननी चाहिए।
  • टॉप-अप योजना में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी के तहत टैक्स लाभ मिलता है।

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